आरएसएस ने जताई पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की घटती संख्या पर जताई चिंता

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की घटती संख्या पर चिंता जताते हुए कहा है कि बंगाल में हिंदुओं की घटती जनसंख्या देश की एकता और अखंडता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने इसके लिए पश्चिम बंगाल की ममता सरकार की कड़ी आलोचना की।

संघ ने पश्चिम बंगाल में ‘बढ़ती जिहादी गतिविधियों’ और ‘घटती हिंदू जनसंख्या’ पर  चिंता जताई है और लोगों से अपील की है कि वे ममता सरकार की ‘सांप्रदायिक राजनीति’ के खिलाफ एकजुट हों और जागरूकता का प्रसार करें। संघ ने ममता सरकार की इस बात के लिए भी आलोचना की है कि ‘मुस्लिम वोट बैंक’ की राजनीति के चलते वह राष्ट्र विरोधी तत्वों को प्रोत्साहन दे रही है।

संघ के लिए नीतियां बनाने वाली आरएसएस की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की कोयंबटूर में हुई तीन दिवसीय मीटिंग में इस संबंध में प्रस्ताव पास किया गया। इसमें चरमपंथी हिंसा की निंदा की गई है। दत्तात्रेय होसबोले ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बंगाल में हिंदुओं की घटती जनसंख्या देश की एकता और अखंडता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

होसबोले ने कहा कि मीटिंग में पास प्रस्ताव के अनुसार प्रतिनिधि सभा राज्य सरकार की मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के तहत राज्य में फैलाई जा रही हिंसा की कड़ी निंदा करती है और प्रदेश के नागरिकों से जिहादी हिंसा और प्रदेश सरकार की सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ जागरूकता फैलाने की अपील करती है। होसबोले ने कहा कि बंटवारे के बाद पूर्वी पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं को जबरन पश्चिम बंगाल में शरण लेने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि इसी कारण 1951 में राज्य में 78.45 फीसद हिंदू थे, जबकि 2011 की जनगणना में जनसंख्या 70.54 प्रतिशत हो गई है।

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